Apr 4, 2025
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दसवीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षाएं चार से, पांगी-उदयपुर नहीं पहुंचे प्रश्नपत्र

दसवीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षाएं चार से, पांगी-उदयपुर नहीं पहुंचे प्रश्नपत्र; मौसम बन रहा बाधा

 

 

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं और 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं चार मार्च से शुरू हो रही हैं। दसवीं की वार्षिक परीक्षा की शुरुआत हिंदी और 12वीं की अर्थशास्त्र के पेपर से होगी।

 

 

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि उदयपुर और पांगी में अभी तक बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्नपत्र नहीं पहुंचे हैं। इन क्षेत्रों में प्रश्नपत्र पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार से हेलिकाप्टर सुविधा मुहैया करवाने की मांग की है। सरकार ने मौसम साफ होने पर हेलिकाप्टर सुविधा देने की बात कही है।

 

 

 

उम्मीद है मौसम साफ होगा और बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्नपत्र संबंधित क्षेत्रों में पहुंच जाएंगे। अगर मौसम साफ नहीं होता है और प्रश्नपत्र नहीं पहुंच पाते हैं, तो 10वीं-12वीं कक्षा की शुरुआती दिनों की परीक्षाओं को स्थगित किया जा सकता है। अगर ये परीक्षाएं स्थगित होती हैं तो इनका आयोजन निर्धारित शेड्यूल के बाद किया जाएगा।

 

 

हिमाचल प्रदेश: धार्मिक संस्थाओं को मिल सकता जमीन बेचने और ट्रांसफर करने का अधिकार, लोगों ने दान दी हैं जमीनें

हिमाचल प्रदेश में धार्मिक संस्थाओं को जमीन बेचने व ट्रांसफर करने का अधिकार मिल सकता है। प्रदेश सरकार की ओर से विधानसभा में पारित संशोधित विधेयक को राजभवन ने राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा है। राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद ही इसे हिमाचल में लागू किया जा सकेगा। सरकार ने इस संशोधित विधेयक में संस्थाओं को सिर्फ धार्मिक गतिविधियों के लिए जमीन देने की बात कही है। होटल व अन्य व्यावसायिक के लिए जमीन न तो बेची जाएगी और न ही ट्रांसफर की जा सकेगी।

हिमाचल प्रदेश में लोगों ने सैकड़ों बीघा जमीन धार्मिक संस्थाओं को दान की है। इस समय हिमाचल में इन संस्थाओं के पास अरबों की संपत्ति है। हिमाचल सरकार लैंड सीलिंग एक्ट-1972 में संशोधन किया गया है। यह संशोधन राधास्वामी सत्संग ब्यास के लिए किया गया।

राधा स्वामी सत्संग ब्यास हमीरपुर जिला के भोटा स्थित अस्पताल को किसी सोसायटी को ट्रांसफर करना चाहता है। संस्था की ओर से आए आग्रह के कानूनी पहलुओं पर विचार किया गया। यह एक चैरिटेबल अस्पताल है, जहां जिले के सैकड़ों लोगों को फ्री इलाज मिलता है।
विधानसभा में संशोधित विधेयक को मंजूरी देने से पहले राजस्व विभाग ने ड्राफ्ट को विधि विभाग में स्क्रीनिंग के लिए भेजा था। इसके बाद इसे कैबिनेट में लाया जाएगा। 

पूर्व सीएम डॉ. वाईएस परमार के समय हिमाचल प्रदेश सीलिंग ऑन लैंड होल्डिंग एक्ट इसलिए बनाया गया था, जिससे भूमि के व्यक्तिगत उपयोग की सीमा तय की जा सके।
एक्ट की धारा 5 के अनुसार राज्य और केंद्र सरकार, सहकारी समितियों, सहकारी बैंकों, स्थानीय निकायों, चाय बागानों, उद्योगों, जल विद्युत परियोजनाओं और राधा स्वामी सत्संग ब्यास की जमीन को सीलिंग से छूट दी गई है।
राधास्वामी सत्संग ब्यास के पास हिमाचल में हजारों बीघा की लैंड होल्डिंग है।
पूर्व वीरभद्र सिंह सरकार के समय 2014 में इन्हें लैंड सीलिंग एक्ट से छूट दी गई थी। तब भारत सरकार ने एक्ट में एक राइडर लगा दिया था कि लैंड सीलिंग की सीमा से बाहर की जमीन को सेल, लीज, गिफ्ट, विल, या किसी अन्य तरीके से ट्रांसफर नहीं कर पाएंगे।