इतने हजार वोटों की अनदेखी कांग्रेस को पड़ेगी भारी?

इतने हजार वोटों की अनदेखी कांग्रेस को पड़ेगी भारी?

 बिरादरी में बढ़ रहा रोष, 2027 में कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी

 

देशआदेश पांवटा साहिब।

 

पांवटा विधानसभा क्षेत्र में बाहती बिरादरी के करीब 26 हजार वोटों की लगातार अनदेखी को लेकर कांग्रेस के भीतर ही नाराज़गी खुलकर सामने आने लगी है। चर्चा है कि न राज्य स्तर पर, न जिला स्तर पर और न ही ब्लॉक स्तर पर बाहती बिरादरी के किसी भी नेता को संगठन में सम्मानजनक जिम्मेदारी दी गई है।

 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता हरीश चौधरी, जोगेन्द्र चौधरी, नीम चौधरी, कमल चौधरी सहित कई पुराने कांग्रेसियों के समर्थकों का कहना है कि वर्षों तक पार्टी के लिए संघर्ष करने वालों को आज हाशिए पर धकेला जा रहा है। उनका आरोप है कि न उनकी बात सुनी जा रही है और न ही कार्यकर्ताओं के काम हो रहे हैं, जिससे समाज में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

 

वार्ड 7 और 8 की चूक से मिला सबक, फिर भी नहीं चेता संगठन

 

हाल ही में हुए पंचायती चुनावों में जिला परिषद वार्ड 7 और 8 कांग्रेस संगठन की आपसी खींचतान और कमजोर तालमेल का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आए। स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि दोनों वार्डों में दो-दो उम्मीदवार मैदान में उतारने से कांग्रेस का वोट बंट गया और इसका सीधा फायदा विपक्ष को मिला।

 

राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहे हैं कि यदि पार्टी ने समय रहते संगठनात्मक असंतोष दूर नहीं किया और बाहती बिरादरी जैसे प्रभावशाली समाज को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया, तो क्या कांग्रेस 2027 में पांवटा विधानसभा सीट बचा पाएगी?

यह सवाल अब कार्यकर्ताओं के साथ-साथ राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है।

Related posts

Leave a Comment