पांवटा साहिब:दर्जनों गांव के लिए सुगम बनेगा वैकल्पिक मार्ग
गोंदपुर-बांगरन सड़क का विस्तारीकरण शुरू, लोगों ने ली राहत की सांस

पांवटा साहिब के दर्जनों गांव के लिए सुगम बनेगा वैकल्पिक मार्ग
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पांवटा साहिब-बांगरन के लिए एक और वैकल्पिक मार्ग गोंदपुर-करतारपुर-बांगरन का विस्तारीकरण शुरू हो चुका है। सड़क का सुदृढ़ीकरण होने के बाद पांवटा से बांगरन के बीच भारी भरकम एवं तेज रफ्तार दौड़ रहे ट्राले के खतरे के बीच जोखिमपूर्ण आवाजाही भी टलेगी।





बता दें कि अब माजरा, धौलाकुआं, जामनीवाला, बहराल, बद्रीपुर आदि मार्ग से गुजरने वाले वाहनों को अब पांवटा बाजार, परशुराम चौक, अग्रसेन चौक से 16 किलोमीटर लंबा सफर तय नहीं करना पड़ेगा,
बल्कि एनएच 707 पांवटा-शिलाई के साथ गोंदपुर तारुवाला से सीधा 8 किलोमीटर और 5 से 7 मीटर चौड़े नए मार्ग होते हुए बांगरन पुल पहुंच सकते हैं। इतना ही नहीं इस मार्ग से किसान-बागवान अपनी फल, सब्जी, अदरक आदि फसलें विकासनगर बाजार भी बेच सकते हैं।
जानकारी के अनुसार इस मार्ग के विस्तारीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए करीब पांच करोड़ स्वीकृत बजट खर्च किया जा रहा है। अजौली निवासी जगदीश चौधरी, सुरेंद्र सिंह, सुनील चौधरी, गुरदेव सिंह, अमरजीत सिंह, ओम प्रकाश, राकेश, नरेंद्र कुमार, राजीव कश्यप आदि ने बताया कि पांवटा परशुराम चौक से बांगरण पुल तक शाम का सफर काफी जोखिमपूर्ण हो गया है।
यहां अक्सर बड़ी तेजी के साथ बड़े बड़े ट्राले का एक साथ गुजरना खतरनाक साबित हो रहा हैं। करीब आधा दर्जन के करीब राहगीर व चालक बड़े वाहनों की चपेट में आने से मौत का शिकार हो चुके हैं, दर्जनों लोग घायल हो चुके हैं।
सैकड़ों भारी भरकम वाहनों के गुजरने से यह मार्ग कई घंटे जाम से बाधित भी हो जाता है। ऐसे में गोंदपुर-बांगरन वैकल्पिक मार्ग आवाजाही के लिए लाभदायक सिद्ध होगा।
-गोंदपुर-बांगरन सड़क का पांच करोड़ रुपये के बजट से विस्तारीकरण किया जा रहा है। इसका कार्य शुरू हो चुका है। जल्द आसपास के लोगों को यहां भारी राहत मिलेगी। वैकल्पिक सड़क बनने से वाहनों की आवाजाही सुगम होगी।
-दलीप तोमर, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग पांवटा साहिब
फिर गरमाया समोसा विवाद, जांच रिपोर्ट लीक होने के केस में एफआईआर; CID का स्टाफ संदेह के घेरे में
समोसा कांड फिर गरमा गया है। मामले को लेकर स्टेट सीआईडी की शिकायत के बाद पुलिस ने छोटा शिमला थाने में आपराधिक मामला दर्ज कर किया है। एसपी क्राइम सीआईडी की ओर से दी गई शिकायत में सीआईडी ने अपने ही स्टाफ पर जांच एजेंसी के गोपनीय दस्तावेज और सूचनाएं लीक करने का शक जाहिर किया है।
एफआईआर में समोसा कांड का जिक्र नहीं
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 305 (e), 336(4), 59, 60 और 61 के तहत केस दर्जकर छानबीन शुरू कर दी गई है। हालांकि एफआईआर में समोसा कांड का जिक्र नहीं है। शिकायत में बताया गया है कि स्टेट सीआईडी के संज्ञान में मामला आया है कि विभाग की गोपनीय सूचनाएं और दस्तावेज गैरकानूनी तरीके से लीक किए गए हैं। इन दस्तावेजों का सीआईडी और सरकार की छवि खराब करने के लिए इस्तेमाल किया गया है।
साजिशन मीडिया को दस्तावेज लीक किए
एक मामले की जांच में संदेह के घेरे में आए लोगों ने पूछताछ में बताया कि सीआईडी स्टाफ से जुड़े कुछ लोगों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर गैरकानूनी तरीके से गोपनीय दस्तावेजों की प्रतियां हासिल कीं। आरोपियों ने साजिशन मीडिया को दस्तावेज लीक किए हैं। राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर इन दस्तावेजों को मीडिया के जरिये फैलाया गया।