आदेश नहीं मानने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की बर्खास्तगी सही

आदेश नहीं मानने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की बर्खास्तगी सही

हिमाचल: हाईकोर्ट ने कहा- आदेश नहीं मानने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की बर्खास्तगी सही

 

 

 

 

 

 

 

 

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अनुशासनहीनता और उच्च अधिकारियों के आदेशों की बार-बार अवहेलना करने के मामले में एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सेवाओं को समाप्त करने के निर्णय को सही ठहराया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावलिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश में हस्तक्षेप करने से इन्कार करते हुए याचिकाकर्ता ललिता देवी की अपील को खारिज कर दिया। खंडपीठ ने कहा है कि सरकारी आदेशों की अवहेलना और अनुशासनहीनता करने वाले मानद कर्मचारियों को सेवा में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। यह मामला जिला मंडी के सरकाघाट के एक आंगनबाड़ी केंद्र को शिफ्ट करने से संबंधित है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पर आरोप था कि वे केंद्र को अपने निजी घर से हटाकर अपने देवर के घर में शिफ्ट करना चाहती थी।

 

 

 

 

 

 

 

विभाग ने याचिकाकर्ता को आंगनबाड़ी केंद्र को ग्रामीणों की सुविधा के लिए महिला मंडल भवन में स्थानांतरित करने को कहा लेकिन याचिकाकर्ता ने विभाग के आदेशों को बार-बार ठुकरा दिया। अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि विभाग ने तीन बार कारण बताओ नोटिस जारी किए, लेकिन कार्यकर्ता ने केंद्र को शिफ्ट करने के बजाय उसे अपने देवर के घर में चलाना शुरू कर दिया। फैसले में कहा गया कि याचिकाकर्ता पर्वत की तरह सरकारी आदेशों के सामने खड़ी हो गई थी, जिससे सार्वजनिक कार्य बाधित हो रहा था। अदालत ने इस बात पर भी गौर किया कि जब अधिकारी केंद्र शिफ्ट करने पहुंचे, तो कार्यकर्ता के पति ने उनके साथ बदसलूकी की, जिसके लिए एफआईआर भी दर्ज हुई थी। खंडपीठ ने एकल जज के फैसले पर सहमति जताते हुए कहा कि चेन ऑफ कमांड का पालन करना अनिवार्य है।

 

 

 

 

 

 

हिमाचल में 39 नई पंचायतें गठित, तीन चरणों में हो सकते हैं चुनाव

 

 

 

 

हिमाचल प्रदेश में 40 में से 39 नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शुक्रवार को पंचायती राज विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। मंडी की एक पंचायत के गठन में अभी पेच फंसा हुआ है। अब पंचायतीराज विभाग की तरफ से इन पंचायतों का पुनर्सीमांकन किया जाना है। एक सप्ताह में इनकी सीमाएं तय की जाएंगी। उधर, राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव तीन चरणों में करवाने की तैयारी चल रही है।

 

 

 

 

 

 

 

अब कुल पंचायतों की संख्या बढ़कर 3,616 हुई
हिमाचल प्रदेश में 39 नई पंचायतें बनने के बाद अब कुल पंचायतों की संख्या बढ़कर 3,616 हो गई है। पहले यह संख्या 3,577 थी। हालांकि, पंचायतीराज विभाग के पास नई पंचायतों के गठन के लिए और भी आवेदन आ रहे हैं, लेकिन अब फिलहाल नई पंचायतें नहीं बनाई जाएंगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार राज्य सरकार को 31 मई से पहले चुनाव कराने हैं। उधर, राज्य निर्वाचन आयोग ने भी चुनाव करवाने की तैयारियां तेज कर दी हैं।

तीन अलग-अलग चरणों में हो सकते हैं चुनाव
पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव तीन अलग-अलग चरणों में करवाए जा सकते हैं। चुनाव में करीब 35 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी, जबकि प्रदेश भर में लगभग 22 हजार मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं, ताकि व्यवस्था समय पर पूरी की जा सकें। राज्य चुनाव आयोग की ओर से आयुक्तों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को गाइडलाइन भी जल्द जारी की जा रही है।

 

 

 

मतदान कर्मियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे
इसमें नामांकन प्रक्रिया, मतदान समय, मतगणना व्यवस्था और अन्य स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। चुनाव के दौरान संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान भी की जा रही है। इसके अलावा मतदान कर्मियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी करवाए जाएंगे। इस बारे में पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में नई पंचायतों के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है।

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