Jun 18, 2024
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यमुना नदी समेत सहायक नदियों का होगा तटीकरण, हजारों बीघा भूमि होगी सुरक्षित

यमुना नदी समेत सहायक नदियों का होगा तटीकरण, हजारों बीघा भूमि होगी सुरक्षित

केंद्र सरकार से 251 करोड़ बजट स्वीकृति के बाद इस परियोजना पर कार्य होगा शुरू:अधिशाषी अभियंता

पूर्व विधायक किरनेश जंग ने पूर्व सीएम के समक्ष इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया, तत्काल सीडब्ल्यूपीआरएस पुणे की टीम वर्ष 2017 में सर्वे करने पहुंची: अश्विनी शर्मा

देश आदेश पांवटा साहिब

हिमाचल के पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र में 251 करोड़ रुपये लागत से यमुना और सहायक नदियों का तटीकरण होगा। इससे पांवटा और आसपास के क्षेत्रों की लगभग 25 हजार आबादी को बरसात में होने वाली भूमि कटाव की समस्या से निजात मिलेगी। वर्ष 2017 में केंद्रीय जल और विद्युत अनुसंधानशाला (सीडब्ल्यूपीआरएस) पुणे टीम ने इस योजना का निरीक्षण किया था।

जलशक्ति विभाग के माध्यम से तैयार योजना को राज्य वित्त विभाग से भी मंजूरी मिल चुकी है। अब, केंद्र सरकार से बजट का प्रावधान होते ही इस योजना का कार्य शुरू हो सकेगा। तटीकरण होने के बाद हर वर्ष बरसात में होने वाली जान माल की क्षति से बचाव होगा।

बता दें कि यमुना नदी तटीकरण योजना बनने से उत्तराखंड से हरियाणा की सीमा तक करीब 22 किमी. नदी के तट को बाढ़ से नियंत्रित करने के लिए कार्य होगा। यमुना नदी के तट के साथ बाता नदी और जंबूखाला को भी इस योजना में शामिल किया गया है। यमुना नदी के 32 किमी. क्षेत्र में से 22 किमी. क्षेत्र भूमि कटाव के लिए संवेदनशील है।

इसके साथ ही सहायक बाता नदी और जंबूखाला के करीब 15 किमी. क्षेत्र को भी तटीकरण की इसी योजना के साथ जोड़ा गया है। इससे बरसात में नदी उफान पर रहने से हर वर्ष जान माल की क्षति की आशंका बनी रहती है।

इन नदियों के किनारे सैकड़ों रिहायशी मकानों, औद्योगिक इकाइयों, बिजली बोर्ड, जल शक्ति विभाग की योजनाएं, उपजाऊ और व्यावसायिक भूमि को बरसात में क्षति होने से बचाया जा सकेगा।

उधर, जलशक्ति विभाग पांवटा के वरिष्ठ अधिशाषी अभियंता अरशद अहमद ने पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि राज्य वित्त विभाग से परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है। इसके बाद केंद्र सरकार को 251 करोड़ बजट की योजना मंजूरी को भेजी गई है। बजट स्वीकृति के बाद इस परियोजना पर कार्य शुरू हो सकेगा।

पंचायतों की 480 हेक्टेयर भूमि कटाव से बचेगी:

पांवटा साहिब विस क्षेत्र में उत्तराखंड राज्य सीमा के डाकपत्थर बैराज के खोदरी माजरी से हरियाणा सीमा के साथ लगते बहराल तक यमुना नदी का तटीकरण होगा।
जलशक्ति विभाग के सहायक अभियंता देवानंद पुंडीर ने बताया कि यमुना नदी के तटीकरण योजना से ग्राम पंचायत खोदरी, गोजर अडडेन, सिंघपुरा गुरुवाला, मानपुर देवड़ा, नवादा, कुंजा मतरालियों, पांवटा शहरी क्षेत्र के देवीनगर नदी किनारे और यमुना पुल से मंदिर घाट, भाटांवाली पंचायत से बातामंडी, बहराल पंचायत के यमुना नदी का करीब 22 किमी. क्षेत्र का तटीकरण होगा। इसमें उपजाऊ व व्यावसायिक जमीनों, बिजली बोर्ड, जलशक्ति विभाग की सिंचाई और उठाई पेयजल योजनाओं, संपर्क सड़कों व औद्योगिक इकाइयों की भूमि कटाव से सुरक्षा हो सकेगी।

यमुना तटीकरण का ऐसे खर्च होगा बजट:
पांवटा विस क्षेत्र की करीब 251 करोड़ बजट की योजना केंद्र को मंजूरी के लिए भेजी है। इस योजना को बजट मिलने पर तीन वर्षों के भीतर पूरा किया जाएगा। प्रथम वर्ष में 75.14 करोड़, दूसरे वर्ष में 100.20 करोड़ और तीसरे वर्ष करीब 75 .16 करोड़ राशि खर्च होगी।

सीडब्ल्यूपीआरएस पुणे टीम ने वर्ष 2017 में किया था सर्वे: अश्विनी शर्मा

वरिष्ठ अधिवक्ता पांवटा साहिब अश्विनी शर्मा का कहना है कि पूर्व सीएम स्व. वीरभद्र सिंह के समक्ष इस मुद्दे को पांवटा साहिब दौरे के दौरान तत्कालीन विधायक चौधरी किरनेश जंग ने प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने पांवटा यमुना तटीकरण योजना की मांग को गंभीरता से लिया था। इसके बाद जनवरी-2017 में केंद्रीय जल और विद्युत अनुसंधानशाला (सीडब्ल्यूपीआरएस)
पुणे टीम ने पांवटा साहिब पहुंच कर निरीक्षण किया था। उसके बाद से ही इस योजना की प्रक्रिया
शुरू हो चुकी थी। अब, केंद्र सरकार को इस योजना को शीघ्र बजट प्रावधान करवाना चाहिए।

भूमि कटाव से बचेगी जमीन : विमला ठाकुर

पांवटा साहिब निवासी विमला ठाकुर का कहना है कि क्षेत्र विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना है। पांवटा विस क्षेत्र हर तरफ से नदी नालों से घिरा हुआ है। बरसात के मौसम में हर वर्ष नदी नाले उफान पर रहते हैं। इससे भूमि कटाव, फसलों व उपजाऊ जमी को खतरा बना रहता है। इस योजना के बनने पर एक दर्जन से अधिक गांवों व शहरी क्षेत्र की यमुना नदी के साथ लगती जमीन कटाव से बच सकेगी।
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यमुना तटीकरण योजना काफी अहम : अविनाश सिंह

भाजपा किसान मोर्चा जिला महामंत्री अविनाश सिंह का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार विकास को खूब तरजीह दे रही है। केंद्र को बजट मंजूरी के लिए भेजी गई यमुना तटीकरण योजना से नदी किनारे बसे वाले दर्जनों गांवों और शहरी क्षेत्र में भूमि कटाव की समस्या से निजात मिल सकेगी। इस योजना से पांवटा साहिब के विकास को भी तीव्र गति मिलेगी।
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उपजाऊ भूमि और संपत्ति होगी सुरक्षित: कृष्णा धीमान
पूर्व नगर परिषद अध्यक्षा कृष्णा धीमान का कहना है कि तटीकरण योजना से करीब 480 हेक्टेयर भूमि कटाव से बचेगी। यमुना नदी में बरसात में आने वाली बाढ़ से भूमि कटाव और फसलों को होने वाली क्षति से सुरक्षा मिलेगी। यमुना नदी के साथ ही योजना से जोड़े गए जंबूखाला व बाता नदी के किनारे औद्योगिक इकाइयों की भी तटीकरण के चलते सुरक्षा हो सकेगी।

क्षेत्र के विकास को अहम साबित होगी योजना : अनिल चौधरी
उपप्रधान ग्राम पंचायत मुगलावाला करतारपुर अनिल चौधरी का कहना है कि पांवटा विस क्षेत्र के लिए 251 करोड़ लागत वाली यमुना तटीकरण योजना अहम साबित होगी। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने पर नदी हर वर्ष बरसात में नदी के आसपास लगती उपजाऊ भूमि में कटाव की समस्या रहती है। इस योजना को केंद्र से बजट का प्रावधान होने पर क्षेत्र की अरबों की चल-अचल संपत्ति को बचाया जा सकेगा।

Originally posted 2022-01-09 22:13:30.