Jun 18, 2024
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जेईई एडवांस में ऐतिहासिक पारी खेल गए सुधांशु, 372 में से 369 अंक प्राप्त कर रचा इतिहास

  1. जेईई एडवांस में ऐतिहासिक पारी खेल गए सुधांशु, 372 में से 369 अंक प्राप्त कर रचा इतिहास

न्यूज़ देशआदेश सिरमौर

जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र की दुगाना पंचायत के कांडो गांव के सुधांशु भारद्वाज ने शानदार उपलब्धि दर्ज की है। मेधावी बेटे को जेईई (JEE) के ड्रापर बैच (Dropper Batch) की एडवांस परीक्षा (Advance Exam) में 372 में से 369 अंक मिले हैं। राष्ट्रीय स्तर पर सुधांशु की रैंकिंग 10वें  स्तर पर है। चूंकि ओवरऑल मैरिट चंद महीनों बाद आएगी, लिहाजा ट्रेड का फैसला नहीं हुआ है, लेकिन सुधांशु ने आईआईटी चेन्नई (IIT Chennai) में अपनी सीट पक्की कर ली है।

बता दें कि देश में आईआईटी के 17 संस्थान हैं, इसमें आईआईटी चेन्नई की रैंकिंग देश भर में नंबर वन है। बीटेक (B.Tech) करने के इच्छुक विद्यार्थियों का पहला सपना आईआईटी में दाखिला होता है। इसके बाद सर्वोच्च संस्थान (Top Institute) में सीट मिलने की भी इच्छा रखते हैं।

क्या है ड्राॅपर बैच का एडवांस टैस्ट….

सुधांशु भारद्वाज ने इस परीक्षा से जुड़ी कई अहम जानकारियां दी। उन्होंने बताया कि उनका चयन एनआईटी हमीरपुर के लिए हो गया था। लेकिन आईआईटी में दाखिले के लिए एक साल ड्रॉप किया। आईआईटी के अलग-अलग संस्थान द्वारा इस तरीके से ड्रॉप करने वालों के लिए मेन्स (Mains) के बाद एडवांस परीक्षा आयोजित होती है।

अंतिम मैरिट, ओवरऑल बनती है। इसी के बाद ट्रेड भी मिलता है। साथ ही आईआईटी के अन्य संस्थान में दाखिला लेने का विकल्प (Option) भी खुल जाता है।

सुधांशु ने कहा कि वो चाहते थे कि ओवरऑल मैरिट के बाद ही बात सामने आए। लेकिन सोशल मीडिया के माध्यम से बात सामने आ गई। सुधांशु ने खुलासा किया कि करीब दो महीने पहले परीक्षा ऑनलाइन (Online Exam) आयोजित हुई थी। उन्होंने शिमला केंद्र में हिस्सा लिया था।

ऐसे हुई पढ़ाई व पारिवारिक पृष्ठभूमि…
99.5 प्रतिशत पर्सेंटाइल (Percentile) लेने वाले सुधांशु भारद्वाज के पिता रघुवीर शर्मा ने प्राथमिक शिक्षा विभाग में बतौर जेबीटी (JBT) कैरियर शुरू किया। हाल ही में वो जेबीटी के पद से एचटी प्रमोट हुए हैं और मां निरंजना शर्मा गृहणी है।

सुधांशु ने दसवीं तक की पढ़ाई पांवटा साहिब के गुरु नानक मिशन पब्लिक स्कूल (Guru Nanak Mission Public School) से प्राप्त की। इसके बाद जमा एक व जमा दो की पढ़ाई को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला तारूवाला से पूरा किया। इसके बाद सेल्फ स्टडी में ही जुटे रहे। एनआईटी हमीरपुर (NIT Hamirpur) के लिए चयन भी हुआ, लेकिन सुधांशु ने आईआईटी से ही इंजीनियरिंग (Engineering) करने की ठान रखी थी। सुधांशु ने पहले ही प्रयास में जेईई मेन्स (JEE Mains) की परीक्षा उत्तीर्ण की थी।

दरअसल, सुधांशु के भाई  दलीप शर्मा भी पेशे से इंजीनियर हैं। पंचायतीराज विभाग में कनिष्ठ अभियंता (junior Engineer) के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं। भाई से ही सुधांशु को आईआईटी की तैयारी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

सुधांशु ने ये भी कहा कि पढ़ाई तो बहुत करते हैं, लेकिन सही समय पर सही मार्गदर्शन भी जरूरी होता है। सुधांशु के पिता का कहना है कि संयुक्त परिवार है। इसमें 35 सदस्य हैं। उनके दो भाई रिटायर हो चुके हैं। सुधांशु की सफलता से शुणकुटा परिवार में हर्ष की लहर है।