Jun 18, 2024
HIMACHAL

हिमाचल के शिक्षण संस्थानों में हिजाब पहनकर आने पर नहीं मिलेगी एंट्री

सूबे में स्कूल खुलने से पहले शिक्षामंत्री का अहम बयान, ड्रेस कोड में आएंगे बच्चे, शैक्षणिक संस्थानों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनी रहनी चाहिए।

न्यूज़ देशआदेश शिमला

हिमाचल प्रदेश में स्कूल और कॉलेजों में हिजाब पहन कर बच्चों को आने पर एंट्री नहीं मिलेगी। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने यह बयान दिया है।
उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में ड्रेस कोड के मुताबिक ही आना होगा और शिक्षण संस्थानों में हिजाब की इजाजत नहीं है। कर्नाटक में कॉलेज में हिजाब को लेकर विवाद और सूबे में स्कूल खुलने से पहले मंत्री का यह बयान अहम है।

शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहाकि इस मुद्दे को धार्मिक रंग देना उचित नहीं है। इसे मुद्दा नहीं बनना चाहिए और शिक्षण संस्थानों में बुर्का पहनकर आने की जिद्द करना गलत है और मैं निंदा करता हूं।

शिक्षा मंत्री ने इस मामले में कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस नेता वोट पॉलिटिक्स कर रहे हैं, छद्म धर्मनिरपेक्षता के तहत व्याख्या कर रहे हैं. शैक्षणिक संस्थानों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनी रहनी चाहिए।

हिमाचल प्रदेश में अब 17 फरवरी से सभी शिक्षण संस्थान खुलेंगे. सोमवार को राजधानी शिमला में हुई कैबिनेट बैठक में पहली से आठवीं कक्षा के छात्रों के लिए भी स्कूल खोलने का फैसला किया गया है. कोविड के खतरे को देखते हुए छोटे बच्चों के लिए स्कूल बंद रखे गए थे।

राज्य सरकार ने कोविड की वर्तमान स्थिति की समीक्षा और छात्रों की पढ़ाई को हो रहे नुकसान को देखते हुए छोटी कक्षाओं के छात्रों को स्कूल बुलाने का फैसला किया है. नवीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए 3 फरवरी से स्कूल खोल दिए गए थे

शीतकालीन स्कूलों में 15 फरवरी तक छुट्टियां हैं, 16 फरवरी को सरकारी छुट्टी है, जिसके चलते 17 फरवरी से स्कूलों को खोलने का फैसला लिया गया है. शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि छोटी कक्षाओं के छात्रों की पढ़ाई का खासा नुकसान हो रहा था।

कैबिनेट में सभी पहलूओं पर गौर करने के बाद 17 फरवरी से पहली और आठवीं कक्षाओं के छात्रों के लिए स्कूल खोलने का फैसला लिया गया. उन्होंने कहा कि स्कूलों में कोविड नियमों की पालना किस तरह से की जाए, इसको लेकर विभाग रणनीति तैयार कर रहा है और जल्द ही एसओपी जारी कर दी जाएगी।

खेलकूद और प्राथर्ना सभा बंद होगी

स्कूलों में छात्रों की संख्या और कमरों के आधार पर एसओपी तैयार की जाएंगी. कोरोना से बचाव को देखते हुए कुछ गतिविधियां, जिनमें स्कूलों में भीड़ हो सकती है, उनको फिलहाल शुरू नहीं किया जाएगा. प्रार्थना सभा से लेकर खेलकूद गतिविधियों को फिलहाल बंद रखा जा सकता है. कक्षाओं और स्कूल परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना के लिए भी निर्देश जारी होंगे

इसके अलावा लंच ब्रेक और स्कूल आने-जाने को लेकर भी एसओपी जारी होंगी. छात्रों से लेकर शिक्षकों और गैर-शिक्षक स्टाफ के लिए कोविड नियमों के तहत निर्देश जारी होंगे।