अब लॉटरी शुरू करने की तैयारी, नियम बनाने के लिए कैबिनेट सब कमेटी गठित

अब लॉटरी शुरू करने की तैयारी, नियम बनाने के लिए कैबिनेट सब कमेटी गठित

हिमाचल में लॉटरी शुरू करने की तैयारी, नियम बनाने के लिए कैबिनेट सब कमेटी गठित

 

देशआदेश

हिमाचल प्रदेश में लॉटरी शुरू करने के लिए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में कैबिनेट सब कमेटी अधिसूचित कर दी गई है। यह उप समिति हिमाचल प्रदेश राज्य लॉटरी (विनियमन) नियम 2026 का ड्राफ्ट बनाएगी। इस उप समिति को एक माह के भीतर रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। बीते दिनों हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हिमाचल में लॉटरी योजना शुरू करने का सैद्धांतिक निर्णय लिया गया है।

राज्य सरकार ने लिया निर्णय
राजस्व घाटा अनुदान को बंद करने के बाद आर्थिक चुनौती का सामना कर रही राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है। कैबिनेट सब कमेटी में उद्योग मंत्री के अलावा पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं। निदेशक कोषागार को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। एक अनुमान है कि लॉटरी शुरू होने के बाद राज्य को प्रतिवर्ष लगभग 100 से 150 करोड़ तक की आमदनी हो सकती है। लॉटरी शुरू करने के लिए केरल और पंजाब के मॉडल का अध्ययन किया जाएगा।

ढाई दशक बाद शुरू की जा रही लॉटरी
हिमाचल प्रदेश में लॉटरी करीब ढाई दशक के बाद शुरू की जा रही है। धूमल सरकार के कार्यकाल में 1999 में राज्य में लॉटरी बंद की गई थी।

नई आबकारी नीति: हिमाचल में बिना लाइसेंस शराब परोसी तो एक लाख तक जुर्माना, ओवरचार्जिंग पर ठेका सील

हिमाचल प्रदेश सरकार ने 2026-27 की नई आबकारी नीति में सख्त प्रावधान लागू करते हुए बिना लाइसेंस शराब परोसने वालों पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया है। शादी समारोह, बैंक्वेट हॉल, मैरिज पैलेस, धर्मशाला या अन्य व्यावसायिक परिसरों में बिना लाइसेंस शराब परोसने पर पहली बार 50 हजार, दूसरी बार 75 हजार और तीसरी बार एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। लगातार उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई और सख्त होगी। अधिकृत लाइसेंसी द्वारा अनधिकृत रूप से शराब परोसने पर 20 हजार से शुरू होकर तीसरी बार 50 हजार रुपये तक जुर्माना लगेगा। चौथी बार पकड़े जाने पर लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।

साल 2026-27 के लिए अधिसूचित आबकारी नीति के तहत प्रावधान किया गया है कि यदि कोई रिटेल ठेका निर्धारित न्यूनतम खुदरा मूल्य से अधिक कीमत वसूलते या कम दाम पर बिक्री करते पकड़ा गया तो संबंधित ठेका एक दिन के लिए सील किया जाएगा। दोबारा उल्लंघन पर दो दिन के लिए सीलिंग होगी। यह कार्रवाई अन्य कानूनी दंड के अतिरिक्त होगी। नई नीति में शराब के होलसेल लाइसेंस (एल-1 और एल-13) की फीस में 10 लाख रुपये की बढ़ोतरी की गई है। पहले यह फीस 40 लाख रुपये सालाना थी, जिसे बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया गया है। होटलों और बार लाइसेंस शुल्क में भी वृद्धि की गई है। होटलों और बार की श्रेणी के हिसाब से फीस में दस से 30 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। सरकार का तर्क है कि इससे राजस्व में इजाफा होगा और अवैध कारोबार पर अंकुश लगेगा। उधर, यदि कोई निर्माता बिना परमिट या तय मात्रा से अधिक ईएनए या बोतलबंद शराब मंगवाता पाया गया तो पहली बार एक लाख, दूसरी बार दो लाख और तीसरी बार तीन लाख रुपये का जुर्माना लगेगा। संबंधित शराब और कंटेनर जब्त किए जाएंगे।

छह बोतलों को एक साथ खरीदकर यात्रा कर सकेंगे लोग
नई नीति में व्यक्तिगत रूप से शराब ले जाने और रखने की सीमा भी तय कर दी गई है। कोई व्यक्ति एक बार में 750 एमएल की छह बोतलें या 1000 एमएल की पांच बोतलें साथ ले जा सकता है। बीयर की 24 बोतलें (650 एमएल) या 5-5 लीटर के तीन कैन तक ले जाने की अनुमति है। पारिवारिक उपयोग के लिए भी निर्धारित सीमा तय की गई है। सामाजिक आयोजनों के लिए परमिट धारक 72 ब्लेंडेड स्पिरिट/देसी शराब और 78 बीयर तक ले जा सकेंगे।

अवैध शराब की बिक्री वाले क्षेत्रों में खुल सकेंगे ठेके
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन क्षेत्रों में अवैध शराब के तीन या अधिक मामले दर्ज हुए हैं, वहां स्थानीय निकाय की अनुमति के बिना भी शराब का ठेका खोला जा सकेगा। आबकारी आयुक्त को राजस्व हित में नियमों में संशोधन का अधिकार होगा।

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