स्कूलों में एक समान फीस ढांचा लागू करने की कवायद शुरू

स्कूलों में एक समान फीस ढांचा लागू करने की कवायद शुरू

हिमाचल: शिक्षा निदेशालय ने मांगा ब्योरा

 हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में फीस को लेकर लंबे समय से चली आ रही असमानता को खत्म करने के लिए शिक्षा विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। कक्षा नवीं से बारहवीं तक एक समान फीस स्ट्रक्चर लागू करने की प्रक्रिया के तहत शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

 

 

निदेशालय ने जिलों से स्कूलवार फीस का ब्योरा मांगा है, जिससे वर्तमान व्यवस्था का आकलन कर एक समान ढांचा तैयार किया जा सके। कई जिलों में अलग-अलग मदों में अलग-अलग शुल्क वसूला जा रहा है, जिससे अभिभावकों में असंतोष भी देखने को मिल रहा था।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने बुधवार को शिक्षा विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सरकारी स्कूलों में फीस को लेकर एकरूपता लाई जाए। इसके बाद विभाग ने इस दिशा में तेजी से काम शुरू कर दिया है। प्रदेश के 155 चयनित सीबीएसई स्कूलों में भी यही फीस ढांचा लागू किया जाएगा।

 

 

 

इन स्कूलों में अभी तक विभिन्न प्रकार के शुल्क लिए जा रहे हैं, जिन्हें अब एक निर्धारित मानक के तहत लाया जाएगा। इससे छात्रों और अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है। इसी कड़ी में वीरवार को स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर एक समान फीस ढांचा तय करने को लेकर चर्चा की।

मौजूदा समय में कई स्कूलों में ट्यूशन फीस के अलावा विकास शुल्क, कंप्यूटर फीस, खेल शुल्क समेत अन्य मदों में अलग-अलग राशि ली जा रही है। एक समान नीति न होने के कारण अभिभावकों को स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाती थी। नई व्यवस्था से इन सभी मदों को व्यवस्थित और नियंत्रित किया जाएगा।

 

अब जिलों से प्राप्त होने वाली रिपोर्ट के आधार पर स्कूल शिक्षा निदेशालय एक प्रस्ताव तैयार करेगा, जिसे सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद पूरे प्रदेश में एक समान फीस स्ट्रक्चर लागू कर दिया जाएगा।

 

 

 

 

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