सरकार की डगर और राह आसान नहीं है, फिर भी जनता के विश्वास पर खरा उतरेगी
व्यवस्था में परिवर्तन लाकर भ्रष्टाचार करेंगे खत्म, सभी वादे पूरा करेगी सरकार
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उद्योग, संसदीय मामले एवं आयुष मंत्री ठाकुर हर्षवर्धन चौहान कैबिनेट मंत्री बनने के बाद रविवार को पहली बार अपने गृह जिला सिरमौर पहुंचे। उन्होंने तिरुपति ग्रुप पांवटा साहिब में औद्योगिक इकाइयों से जुड़े सभी उद्योग प्रबंधक अशोक गोयल, नवीन अग्रवाल, एनपीएस सहोता, हिमाचल चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सतीश गोयल, चन्द्रू, एनपीएस नारंग, पांवटा प्रेस क्लब अध्यक्ष आरपी तिवारी, मोहन अग्रवाल, लोकेश शर्मा आदि से बात की।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की सुक्खू सरकार की ओर से एक महीने में ही उठाए गए कदमों को ऐतिहासिक करार दिया। कहा कि हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ था, जहां पर पेपर बिकते थे। मुख्यमंत्री के समक्ष जब यह मामला लाया गया, तो तुरंत पेपर बेचने वाले कर्मचारियों को रंगे हाथों पकड़ा गया।

उद्योग मंत्री ने कहा कि हमें प्रदेश में एक कंगाल सरकार मिली है। सरकारी खजाना खाली है। पूर्व भाजपा सरकार प्रदेश पर 75 हजार करोड़ रुपये का कर्जा छोड़कर गई है। इसके अलावा 11 हजार करोड़ रुपये की देनदारियां कर्मचारियों और पेंशनरों की भी है। ऐसे में वर्तमान प्रदेश सरकार की डगर और राह आसान नहीं है, लेकिन फिर भी प्रदेश की जनता ने कांग्रेस सरकार को चुनकर जो विश्वास जताया हैं, उस पर सरकार खरा उतरेगी।
उद्योग, संसदीय मामले एवं आयुष मंत्री ठाकुर हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार सत्ता का सुख भोगने के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए सत्ता में आई है।
सरकार-दर-सरकार पहले चली आ रही व्यवस्था से सुक्खू सरकार नहीं चलेगी। व्यवस्था में परिवर्तन लाकर सरकार भ्रष्टाचार को खत्म कर पारदर्शिता को लाएगी।
सिंगल विंडो को खत्म कर दी जाएगी, रॉयल्टी लागू कर भ्र्ष्टाचार खत्मकर अवैध खनन माफिया पर शिकंजा कसा जाएगा। हिमाचल में खासकर सिरमौर में उद्योग स्थापित करने के लिए प्राथमिता दी जाएगी। जरूरत पड़ी तो हम जमीन भी दे देंगे। आपकी अनुमति/आवेदन फ़ाइल सीमित समय के भीतर सीधी मुख्यमंत्री कार्यालय जाएगी, न कि बिचौलिए के पास, अब बिचौलिएं का रोल खत्म होगा।
उन्होंने जहां-जहां भ्रष्टाचार और अनियमितताएं हैं, उस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने वायदे के मुताबिक पहली ही कैबिनेट में ओपीएस को बहाल कर 1 लाख 35 हजार कर्मचारियों को बड़ी राहत प्रदान की है। इसी तरह कांग्रेस की 10 गारंटियों को भी क्रमबद्ध तरीके से सुक्खू सरकार पूरा करेगी।
