महासू महाराज का आदेश हुआ और मैं चला आया…सीएम धामी ने देवता के दर्शन कर किया जनसभा को संबोधित
अभी हनोल मास्टर प्लान की केवल शुरुआत भर हुई है।
प्रधानमंत्री की प्राथमिकता में हनौल, वह मासूम महाराज का हमेशा करते हैं। स्मरण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबोधन से पहले चार महासू देवताओं के नाम के जयकारे लगाए। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि आज मुझे मां यमुना की सहायक नदी टोंस के तट पर इस नैसर्गिक सुंदरता, आध्यात्मिक चेतना, विशेष परंपराओं की पुण्य धारा में आप सभी के बीच में आने मौका।
कहा की 2022 के चुनाव परिणाम आने से पहले वह महासू महाराज के दर्शन करने के लिए आए थे। उसके बाद से उनके मन में लगातार इच्छा थी कि उन्हें प्रतीक्षा थी कि कब महासू महाराज बुलाएंगे। कहा कि ऐसे धाम में कोई भी अपनी इच्छा से नहीं आता है।
आपकी इच्छा होगी और महासू महाराज की इच्छा नहीं होगी तो आप नहीं आ पाओगे। कहा की वह सोच रहे थे कि कब वह शुभ दिन आएगा। कहा की रणवीर सिंह पीछे ही बैठे हैं, उन्होंने उनसे पूछा कि कब चलेंगे। उन्होंने कहा कि जब बुलावा आएगा तब जाएंगे, हमारे सोचने से क्या होगा।
मंचों पर लगातार यह बात उठती रही। उत्तराखंड की जो, हमारी जमीन है और संसाधन है वह खुर्द बुर्द हो रहे हैं। अनेक प्रकार के लोग यहां आकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को खराब कर रहे हैं। यहां के मूल मंत्र के साथ भी छेड़खानी हो रही है। कहा कि हमने पहले ही कहा था कि सारे वायदे उत्तराखंड की देव तुल्य जनता से किए थे। महासू महाराज की कृपा से वह सारे वचन पूरे किए।
इस बार विधानसभा के सत्र में, जो लंबे समय से कह रहे थे कि सशक्त भू कानून लाएंगे। इस बार वह भू कानून भी बनकर तैयार हो गया। महासू महाराज की कृपा से बहुत सारे काम कर लिए। आज के समय में उत्तराखंड देश में विभिन्न विषयों में लगातार चर्चाओं में है। देश के अग्रणी राज्यों में हमारा स्थान आ रहा है।
ईज ऑफ डूइंग, स्टार्टअप, नवाचार आज हमारा राज्य तेजी से बढ़ रहा है। बहुउद्देशीय शिविर में जो स्टॉल लगते हैं, उसमें मातृशक्ति की सभा गीता देख बड़ी खुशी मिलती है। यह यही नहीं पूरे उत्तराखंड में जाता हूं, हर जगह मातृशक्ति का विशेष स्नेह प्राप्त होता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जब वह इतने बड़े समूह में मातृ शक्तियों को देखते हैं तो अपनी माता को याद करते हैं। कहा कि उन्होंने देखा है कि किस प्रकार से परेशानी और कष्टों में मातृशक्ति आगे बढ़ती हैं। उनके सामने अनेक चुनौतियां होती हैं।
महिलाएं राज्य के लिए बनेगी गेम चेंजर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने चोला-डोरा पहनकर बाबा केदार के धाम से कहा था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा। इसका अर्थ है कि उत्तराखंड आने वाले सालों में देश के शिखर पर होगा। उसे बनाने में सबसे बड़ा योगदान मातृशक्ति का होगा। जिस गति से वह काम कर रही हैं, उनके द्वारा जो उत्पाद बनाए जा रहे हैं नवाचार किया जा रहा है, परिश्रम किया जा रहा है वो वास्तव में हमारे राज्य के लिए गेम चेंजर साबित होने जा रहा है। हमने तय किया है कि राज्य में महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कई कार्य करेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अभी हाल मास्टर प्लान की शुरुआत भर हुई है, काम समाप्त नहीं हुआ है। इसमें जिस प्रकार की आवश्यकता होगी उसको उसी हिसाब से विस्तार दिया जाएगा। धाम से कनेक्टिविटी को बढ़ाया जाएगा। हमारा यह लक्ष्य है कि हलोल का मास्टर प्लान बन रहा है। यह महासू महाराज की कृपा से इस पूरे क्षेत्र में बहुत बड़ी समृद्धि आने वाली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मन में उत्तराखंड बसता है। उन्होंने कहा कि मन की बात कार्यक्रम में उत्तराखंड का नाम जरूर लेते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में राज्य में हुए 38 वें राष्ट्रीय खेलों की व्यवस्था और संचालन की प्रशंसा की। वहीं, ये राष्ट्रीय खेल प्रदेश को देवभूमि वीर भूमि, खेल भूमि के रूप में स्थापित करेंगे।
