आउटसोर्स नीति में बदलाव पर भड़के कर्मचारी
पूर्व भाजपा सरकार की तरह कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है वर्तमान सरकार भी
आउटसोर्स नीति में बदलाव पर भड़के कर्मचारी







शिमला। आउटसोर्स नीति में बदलाव और पक्की नौकरी पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा दिए ब्यान को आउटसोर्स कर्मचारियों ने आड़े हाथों लिया है। कर्मचारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री का यह बयान हास्यस्पद है।
हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य आउटसोर्स यूनियन के अध्यक्ष कमलजीत डोगरा ने बताया कि वर्तमान सरकार पूर्व भाजपा सरकार की तरह कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। कहा कि सरकार कहती है कि वह भर्ती प्रक्रिया में बिचौलियों को हटाएंगी लेकिन सरकार एचपीएसईडीसी के आउटसोर्स में भर्तियां कर रही है। इसमें भी बिचौलियों को फिर बीच में डाल दिया है। डोगरा ने कहा कि सरकार बेरोजगार युवाओं को ठगने का काम किया है।
बीआईएस परवाणू टीम ने शिकायत के आधार पर दी दबिश
टीम ने ज्वेलर्स शोरूम में लेजर मार्किंग मशीन की जब्त
सोलन। भारतीय मानक ब्यूरो परवाणू शाखा की टीम ने हरियाणा के यमुनानगर के शोरूम में नकली हॉलमार्क के साथ आभूषणों को पकड़ा है। शिकायत के आधार पर की गई छापामारी के दौरान मौके पर लेजर मशीन भी पाई गई है।
बताया जा रहा है कि इस लेजर मार्किंग मशीन का इस्तेमाल कर आभूषणों पर नकली हॉलमार्क लगाकर बेचा जाता था और ग्राहकों से अतिरिक्त पैसे वसूलता था। इससे ग्राहकों को चूना लग रहा था। इसकी शिकायत बीआईएस टीम को मिली थी।
इसके बाद हरियाणा के यमुनानगर में छापेमारी की गई। निरीक्षण के दौरान सोने के आभूषणों पर नकली हॉलमार्क मिले। छापेमारी के दौरान बीआईएस टीम ने नकली हॉलमार्क वाले आभूषणों के साथ लेजर मार्किंग मशीन जब्त कर ली है।
बीआईएस अधिनियम के अनुसार केवल मान्यता प्राप्त केंद्रों को ही सोने के आभूषणों पर हॉलमार्क की अनुमति है। नकली हॉलमार्क लगाना और ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी करना गैरकानूनी है।
उधर, वैज्ञानिक-ई एवं प्रमुख बीआईएस, परवाणू कार्यालय के एससी नाइक ने बताया कि नकली हॉलमार्क लगाना गलत है। ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई करता है।

बीआईएस अधिनियम के अनुसार इसमें एक वर्ष तक का कारावास या कम से कम एक लाख रुपये का जुर्माना भी हो सकता है।