शिक्षकों के सामान्य तबादलों पर रोक बरकरार
स्कूलों में मौसम के हिसाब से क्षेत्रवार होंगी छुट्टियां





हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों के सामान्य तबादलों पर रोक जारी रहेगी। सिर्फ युक्तिकरण और आवश्यक मामलों में ही तबादले पर गौर किया जाएगा। एक शिक्षक के सहारे चल रहे स्कूलों से तबादले नहीं होंगे।
शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में आपसी सहमति से ट्रांसफर वाले मामलों पर भी विचार नहीं होगा। स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बनाए रखने के मद्देनजर शिक्षा विभाग ने मार्च के बाद भी सामान्य तबादलों पर नहीं करने का फैसला लिया है।
उधर, स्कूलों में अब मौसम के हिसाब से छुट्टियां होंगी। क्षेत्रवार छुट्टियों का शेड्यूल जारी कर दिया है।
शनिवार को शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई बैठक में विभागीय अधिकारियों को इस बाबत निर्देश जारी किए गए। अब 30 किलोमीटर से कम दायरे में भी शिक्षकों के तबादले नहीं होंगे। एक स्कूल में दो साल सेवा देना अनिवार्य रहेगा। प्रदेश के हार्ड क्षेत्रों से तबादले करवाने के लिए रिलीवर की शर्त की पालना सुनिश्चित करनी होगी। स्कूलों में 1 से 30 अप्रैल तक शिक्षकों के तबादले प्रस्तावित थे। तबादलों के चलते बढ़ने वाली व्यस्तताओं और स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका के चलते अब सामान्य तबादले नहीं करने का फैसला लिया गया है।
बीते वर्ष सरकार ने शिक्षा विभाग में सालभर होने वाले तबादलों पर रोक लगाने का फैसला लिया था। युक्तिकरण के तहत जिन स्कूलों में जरूरत से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं, उनकी सूचियां बनकर तैयार हैं। इन्हें रिक्त पदों वाले स्कूलों में भेजा जाएगा।
सामान्य एवं अधिक गर्मी वाले क्षेत्रों में अलग-अलग होगी समर-मानसून ब्रेक
हिमाचल के स्कूलों में अब मौसम के हिसाब से छुट्टियां होंगी। प्रदेश सरकार ने क्षेत्रवार छुट्टियों का शेड्यूल जारी कर दिया है। सामान्य गर्मी और अधिक गर्मी पड़ने वाले क्षेत्रों में समर व मानसून ब्रेक अलग-अलग होगी।
हिमाचल के स्कूलों में अब मौसम के हिसाब से छुट्टियां होंगी। प्रदेश सरकार ने क्षेत्रवार छुट्टियों का शेड्यूल जारी कर दिया है। सामान्य गर्मी और अधिक गर्मी पड़ने वाले क्षेत्रों में समर व मानसून ब्रेक अलग-अलग होगी।
शीतकालीन स्कूलों में बरसात की छुट्टियां बदली गई हैं। अन्य में कोई बदलाव नहीं किया गया है। शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने छुट्टियों के संशोधित शेड्यूल की अधिसूचना जारी की है। सभी ग्रीष्मकालीन स्कूलों में एक से चार अप्रैल तक छुट्टियां नहीं मिलेंगी।
नालागढ़ उपमंडल, फतेहपुर, नगरोटा सूरियां, इंदौरा, पांवटा साहिब, कालाअंब और जिला ऊना के स्कूलों में एक से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां होंगी। इन स्कूलों में बरसात की छुट्टियां तीन से 12 अगस्त तक होंगी। पहले 22 जून से 29 जुलाई तक यह छुट्टियां होती थीं। इन क्षेत्रों के स्कूलों को सरकार ने बहुत अधिक गर्मी पड़ने वाले स्कूलों के तौर पर चिह्नित किया है।
अन्य ग्रीष्मकालीन स्कूलों में एक से आठ जून तक गर्मियों की छुट्टियां होंगी। पहले इन छुट्टियां का प्रावधान नहीं था। यहां 12 जुलाई से 12 अगस्त तक बरसात की छुट्टियां होंगी। पहले 22 जून से 29 जुलाई तक यह अवकाश मिलता था। सभी ग्रीष्मकालीन स्कूलों में लोहड़ी से पहले और बाद में जनवरी में मिलने वाली छह छुट्टियों की जगह एक से आठ जनवरी तक छुट्टियां दी जाएंगी।
दिवाली की चार छुट्टियां पूर्व की तरह
दिवाली की चार छुट्टियां पूर्व की तरह रहेंगी। शीतकालीन स्कूलों में बरसात की छुट्टियां सात से 12 अगस्त तक होंगी। पहले यह छुट्टियां 22 से 27 जुलाई तक होती थीं। सर्दियों की छुट्टियां एक जनवरी से 11 फरवरी तक पहले की तरह ही रहेंगी।
दिवाली की चार छुट्टियां पूर्व की तरह रहेंगी। शीतकालीन स्कूलों में बरसात की छुट्टियां सात से 12 अगस्त तक होंगी। पहले यह छुट्टियां 22 से 27 जुलाई तक होती थीं। सर्दियों की छुट्टियां एक जनवरी से 11 फरवरी तक पहले की तरह ही रहेंगी।

लाहौल-स्पीति जिला में बरसात की छुट्टियां नहीं होंगी। यहां दशहरे के दौरान छह छुट्टियां मिलेंगी। शेष छुट्टियां अन्य शीतकालीन स्कूलों की तरह ही होंगी। कुल्लू जिला में एक से 14 जनवरी तक सर्दियों की, 20 जुलाई से 12 अगस्त तक बरसात और दशहरे के दौरान आठ छुट्टियां होंगी।


प्रदेश के सभी स्कूलों में एक साल के दौरान कुल 52 छुट्टियां मिलेंगी।