Jun 18, 2024
CRIME/ACCIDENT

प्रकृति का कहर: मकान में सोए एक ही परिवार के आठ लोगों की दबने से मौत

प्रकृति का कहर: मकान में सोए एक ही परिवार के आठ लोगों की दबने से मौत, मां से लिपटे मिले बच्चे

देशआदेश

हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के कई भागों में शनिवार को बारिश मौत बनकर बरसी। प्रकृति ने ऐसा कहर बरपाया कि सोए-सोए ही कई जिंदगियां मलबे में दफन हो गईं। मां से लिपटे बच्चों के शव जैसे ही मलबे से बाहर निकाले तो मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।

इस भयावह मंजर को देख हर कोई रो पड़ा। मलबे के बीच बिस्तर से शव बारी-बारी निकलते गए। नाचन की ग्राम पंचायत काशन के गांव झड़ोंन में प्रधान खेम सिंह के घर पर ऐसा पहाड़ आ गिरा कि पक्के मकान के साथ आठ जिंदगियां मलबे में दफन हो गईं।

प्रकृति के इस कहर से एक हंसता-खेलता परिवार मलबे में दफन हो गया। नाचन, सराज और द्रंग में बादल फटने की घटनाओं से लोगों की जिंदगी भर की कमाई तबाह हो गई है। बारिश ने ऐसा कहर मचाया कि लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। इस भयानक मंजर ने रिश्तेदारों और परिजनों को कभी न भूलने वाले जख्म दे दिए हैं।

 

मलबे में दबे इस परिवार के लोगों को निकालने के लिए शनिवार सुबह 3:00 बजे शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन दोपहर 2:00 बजे खत्म हुआ। सबसे पहले खेम सिंह के भाई झाबे राम की पत्नी और उनके दो बच्चे मृत अवस्था में मिले। इसके बाद खेम सिंह और उनकी पत्नी के शव मिले। बाद में खेम सिंह के दो बेटों और अंत में उनके ससुर का शव निकाला गया।

खेम सिंह का भाई झाबे राम सेब की ठेकेदारी के लिए कुल्लू गए हुए थे। उनके माता-पिता सराज क्षेत्र में गए थे। झाबे राम शव निकालने से पहले ही घर पहुंच गए थे। माता-पिता भी रिश्तेदारों के साथ शनिवार दोपहर बाद घर पहुंच गए। इन सभी का रो-रो कर बुरा हाल है।

घटनास्थल पर एसडीआरएफ, पुलिस, होमगार्ड और प्रशासनिक अधिकारियों समेत स्थानीय पंचायत और समीप की पंचायत के लोगों ने मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए जी जान से मेहनत की। डीसी अरिंदम चौधरी और एसपी शालिनी अग्निहोत्री भी शनिवार तड़के घटनास्थल पर पहुंचे। शनिवार दोपहर बाद तक दोनों अधिकारियों ने बचाव कार्य का निरीक्षण किया और मलबे में दबे सभी आठ शवों को निकलवाया।

एक साथ उठीं अर्थियां
पंचायत प्रधान खेम सिंह और उनके परिवार के सदस्यों की घर के आंगन से एक साथ उठीं अर्थियों को देखकर गांव के लोगों की आंखें भर आईं। मां की चीखों से माहौल गमगीन था तो पिता रूप चंद हिम्मत जुटाए सभी लोगों से बात करते नजर आए। सब कुछ छिन जाने के बावजूद भी रूप चंद ने बेटे, बहुओं और पोतों के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी को निभाया।

इस दौरान नाचन के विधायक विनोद कुमार और कांग्रेस नेता ब्रह्म दास चौहान उन्हें हौसला देते नजर आए।
मृतक प्रधान के पिता को ढांढस बंधाते लोग।

स्यांज से कटकर नई बनी थी काशन पंचायत
जयराम सरकार में स्यांज से अलग होकर काशन पंचायत बनी थी। इसका पहला चुनाव खेम सिंह ने लड़ा था और वह इस पंचायत के पहले प्रधान बने थे।