हिमाचल: वीबी-जी रामजी में 50 दिन काम करने वाले परिवार भी अब बीपीएल सूची में होंगे, चयन नियमों में किया बदलाव
हिमाचल प्रदेश में बीपीएल परिवारों के चयन के नियमों में एक बार फिर बदलाव किया गया है। ग्रामीण विकास विभाग ने मानदंडों को और उदार बनाते हुए वीबी-जी रामजी(जिसे पहले मनरेगा कहा जाता था) में 50 दिन काम करने वाले परिवारों को भी बीपीएल श्रेणी में शामिल करने का निर्णय लिया है। इससे उन मेहनतकश ग्रामीण परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी जो आजीविका के लिए मुख्य रूप से सरकारी रोजगार योजनाओं पर निर्भर हैं।


ग्रामीण विकास विभाग की जारी अधिसूचना के अनुसार ऐसे परिवार जिनके सभी वयस्क सदस्यों ने पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान वीबी-जी रामजी के तहत कम से कम 50 दिन का रोजगार प्राप्त किया है वे अब बीपीएल सूची में शामिल होने के पात्र होंगे।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी जरूरतमंद परिवार सरकारी सहायता योजनाओं से वंचित न रहे। नई व्यवस्था में उन परिवारों को भी एक और अवसर दिया गया है, जो पहले प्रथम से चतुर्थ चरण के सर्वेक्षण में किसी कारणवश छूट गए थे या अब नए मानकों के अंतर्गत पात्र बनते हैं। ऐसे परिवार 12 मार्च तक अपने आवेदन संबंधित पंचायत या खंड कार्यालय में जमा कर सकेंगे।
प्राप्त आवेदनों की गहन जांच के बाद खंड स्तरीय समिति पंचायतवार सूचियां तैयार करेगी। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बीपीएल परिवारों की पांचवें चरण (फेज-5) की अंतिम सूची 18 मार्च को जारी की जाएगी। इसके बाद पात्र परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पहले चरणों में किए गए सर्वेक्षण और उन पर लिए गए निर्णय यथावत रहेंगे। वहीं, नए सर्वेक्षण में सत्यापन, अनुमोदन और अपील की प्रक्रिया पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही लागू होगी। विभाग ने इस निर्णय का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए हैं, जिससे कोई भी पात्र परिवार जानकारी के अभाव में वंचित न रह जाए।

बीडीओ परागपुर अशोक कुमार ने अधिसूचना की पुष्टि करते हुए बताया कि पात्र परिवार समय रहते आवेदन करें और आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें। सरकार के इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों के कमजोर और श्रमिक परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का दायरा और बढ़ेगा।
