कल उद्योग मंत्री से मिलेगा बांगरण-शमशेरगढ़ का प्रतिनिधिमंडल
कल उद्योग मंत्री से मिलेगा बांगरण-शमशेरगढ़ का प्रतिनिधिमंडल
अवैध खनन और आपदा प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान की रखेंगे मांग
देशआदेश
गिरि नदी के किनारे बसे बांगरण-शमशेरगढ़ गांव के लोगों की लाल सिंह नंबरदार की अध्यक्षता में बैठक हुईं, जिसमें गांव की महिलाओं और युवाओं ने भाग लेते हुए कहा कि कल शुक्रवार को बांगरण चौक पर उद्योग मंत्री से मिलकर अपनी समस्याएं रखेंगे।
ग्रामीण मोती राम, अनिल चौधरी, नरेंद्र पाल, राजीव, देवराज, मेहर सिंह, हेमराज, कृष्ण, पिंकू, सुरजीत आदि का कहना है कि गांव में गिरि नदी में मशीनों से जो वाइब्रेशन, गहरे और अवैध खनन लगातार होते आ रहे, उससे भूमि कटाव बढ़ा रहा है और इससे बाढ़ भूस्खलन जैसी स्थितियां पैदा हो रही हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि इस साल आई भीषण बाढ़ में गांव की सड़कें, खेत और सिंचाई योजनाएं पूरी तरह से तबाह हो गईं, गांव को भूमि कटाव लग चुका है। लेकिन अब तक सरकार या प्रशासन की ओर से कोई सुरक्षा, राहत किसी भी प्रकार की मदद नहीं मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि वे मंत्री से मांग करेंगे कि प्रभावित परिवारों को आपदा राहत राशि जल्द दी जाए।
ग्रामीणों ने यह भी मांग रखी है कि DMFT फंड से गांव का संपर्क मार्ग बहाल किया जाए और प्रत्येक क्षतिग्रस्त मकान मालिक को पांच-पांच लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाए। साथ ही पानी की स्कीमें भी शीघ्र बहाल की जाएं।
गांव के लोगों ने कहा कि स्टोन क्रेशरों को जेसीबी से खनन की अनुमति देना सरकार की गलती है, क्योंकि इससे भूमि कटाव तेज़ी से हो रहा है। उन्होंने मांग की है कि इन अनुमतियों को तुरंत रद्द किया जाए और गांव के सामने चल रहे दो क्रेशरों की जांच कर गलत पाए जाने पर उन्हें बंद किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि इस बाबत लेटर दिए हुए डेढ़ दो माह हो चुका है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके अलावा ग्रामीणों ने उद्योग मंत्री से आग्रह भी करेंगे कि भारी वाहनों के कारण बांगरण पुल को खतरा है, इसलिए लदे हुए ट्राले केवल नदी मार्ग से ही गुजरें। इसके लिए लोनिवि से आवश्यक भूमि अनुमति दिलाई जाए ताकि वैकल्पिक मार्ग बनाया जा सके।
ग्रामीण रेशमा, ममता, सीमा, अन्नू, सरोपो, रोशनी, कृष्णा आदि का कहना है कि वे उम्मीद करते हैं कि मंत्री स्तर पर उनकी समस्याओं का जल्द समाधान होगा और गिरि नदी में अवैध खनन पर सख्त रोक लगेगी।

