विकास कार्यों के लिए बजट आवंटन पर जड़े भेदभाव के आरोप

-पांवटा के कॉलेज को सरकार की ओर से मिली है 2 करोड़ की मंजूरी
।पांवटा साहिब कॉलेज को 2 करोड़ रुपये की मंजूरी मिलने के बाद गिरिपार क्षेत्र के लोगों ने सरकार पर खुलकर भेदभाव के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जहां शहरों के शिक्षण संस्थानों पर करोड़ों खर्च किए जा रहे हैं, वहीं गांवों के स्कूल आज भी अधूरी सुविधाओं के सहारे चल रहे हैं।
आंजभोज क्षेत्र के अंतर्गत नघेता राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल का भवन पिछले तीन वर्षों से अधूरा पड़ा है। स्थानीय लोगों देवराज चौहान, दिनेश शर्मा, मोहन सिंह और अमरेश शर्मा का आरोप है कि सरकार की प्राथमिकताओं में ग्रामीण क्षेत्र लगातार पीछे छूटते जा रहे हैं। उनका कहना है कि कई बार मांग उठाने के बावजूद न तो पर्याप्त बजट जारी किया गया और न ही निर्माण कार्य को समय पर पूरा करने के लिए गंभीर प्रयास किए गए।
श्री पांवटा विकास मंच के अध्यक्ष ज्ञान सिंह चौहान ने कहा कि एक ओर कॉलेजों को करोड़ों की सौगात दी जा रही है, जबकि गांव के बच्चों के भविष्य के साथ समझौता किया जा रहा है। उन्होंने इसे स्पष्ट रूप से सौतेला व्यवहार करार दिया। उन्होंने कहा कि स्कूल को वर्ष 1997 में अपग्रेड किया गया था, लेकिन भवन समय के साथ जर्जर हो गया और करीब एक दशक पहले इसे असुरक्षित घोषित कर दिया गया।


स्कूल प्रबंधन समिति और ग्रामीणों ने कई बार सरकार व संबंधित विभागों से शेष राशि जारी करने की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
कांग्रेस के पूर्व विधायक किरनेश जंग चौधरी ने बताया कि नघेता स्कूल भवन के शेष बजट को शिक्षा मंत्री की ओर से सैद्धांतिक मंजूरी दी जा चुकी है


