Jun 17, 2024
Latest News

रूस का आरोप : भारतीय छात्रों को यूक्रेनी सैनिकों ने बंधक बनाया

रूस का आरोप : भारतीय छात्रों को यूक्रेनी सैनिकों ने बंधक बनाया

यूक्रेन के राजदूत: यूक्रेन स्वयं लहूलुहान है, वह देश में फंसे हुए सभी विदेशी छात्रों की मदद कर रहा है।

न्यूज़ देशआदेश

रूस के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को एक प्रेस वार्ता में कहा है कि उसकी सेना के जवान यूक्रेन के खारकीव शहर से सभी भारतीय नागरिकों की स्वदेश वापसी के लिए हर तरह के उचित कदम उठाने को तैयार हैं। यह जानकारी भारत में रूस के दूतावास की ओर से दी गई है। वहीं इसके जवाब में यूक्रेन के विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि भारतीय छात्र रूसी हमलों की वजह से खारकीव जैसे शहरों में बंधक बनकर रह गए हैं। इसलिए रूस गोलीबारी बंद करे और लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए मानवीय गलियारा खोलने की अनुमति दे।

भारत में रूसी दूतावास के एक अधिकारी ने रूसी रक्षा मंत्रालय की प्रेस वार्ता का विवरण साझा किया। मॉस्को में हुई इस प्रेस वार्ता में मंत्रालय ने आरोप लगाया कि यूक्रेन के अधिकारी बेलगोरोड जाने की उनकी इच्छा के विरुद्ध खारकीव में भारतीय छात्रों के एक समूह को ‘जबरन’ रोके हुए हैं।

हालांकि इस संबंध में सवाल पूछे जाने पर भारत में यूक्रेन के राजदूत इगोर पोलिखा ने इन आरोपों का जोरदार तरीके से खंडन किया और खारिज करते हुए कहा कि यूक्रेन स्वयं लहूलुहान है, वह देश में फंसे हुए सभी विदेशी छात्रों की मदद कर रहा है।

उन्होंने कहा कि हमने शरणार्थियों की भारी भीड़ के बीच पश्चिमी सीमाओं को पार करने की कोशिश कर रहे छात्रों के मुद्दे को कम करने की अपनी ओर से पूरी कोशिश की और यह समस्या मूल रूप से हल हो गई है। जहां तक मुझे पता है, पश्चिमी सीमा की ओर से भारतीयों का पहला जत्था खारकीव को छोड़ चुका है।

उधर, रूसी अधिकारी द्वारा साझा किए गए विवरण के अनुसार, रूसी रक्षा मंत्रालय ने यह भी दावा किया कि यूक्रेनी अधिकारियों ने छात्रों को पेशकश की है कि वे पोलैंड के साथ देश की सीमा के माध्यम से यूक्रेन से बाहर निकल सकते हैं। जबकि पोलिश सीमा का रास्ता एक सक्रिय युद्ध क्षेत्र है।

सभी जरूरी उपाय करने के लिए तैयार : रूस
उन्होंने कहा कि जैसे ही खारकीव में लड़ाई तेज हुई, भारत ने बुधवार को अपने नागरिकों से इस दूसरे सबसे बड़े यूक्रेनी शहर को छोड़ देने और नजदीक के तीन सुरक्षित स्थानों पर साधन न होने पर पैदल ही चले जाने के लिए कहा था। इस बीच रूस ने संघर्ष वाले क्षेत्र से भारतीय नागरिकों की निकासी के लिए मानवीय गलियारा बनाने का वादा किया था। रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसके सशस्त्र बल भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी के लिए सभी आवश्यक उपाय करने के लिए तैयार हैं।
भारतीय दूतवास की टीम मुस्तैद
रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि हमारी जानकारी के अनुसार, यूक्रेनी अधिकारियों ने भारतीय छात्रों के एक बड़े समूह को जबरन खारकीव में रोके रखा है, जो यूक्रेनी क्षेत्र छोड़कर बेलगोरोड जाना चाहते हैं। एक अधिकारी के अनुसार, बेलगोरोड रूस में एक सीमावर्ती क्षेत्र है और खारकीव से बहुत दूर नहीं है। मास्को में भारतीय दूतावास की एक टीम खारकीव से भारतीयों की किसी भी संभावित निकासी के लिए पहले ही बेलगोरोड पहुंच चुकी है।

अपने विमानों से उन्हें स्वदेश भेजने के लिए तैयार
मंत्रालय ने कहा कि रूसी पक्ष अपने सैन्य परिवहन विमानों या भारतीय विमानों द्वारा छात्रों को रूसी क्षेत्र से वापस उनके घर भेजने के लिए तैयार है, हालांकि यह इस बात पर निर्भर करेगा कि भारतीय पक्ष क्या करने का प्रस्ताव करता है। भारत ने मंगलवार को खारकीव में गोलाबारी में एक भारतीय छात्र के मारे जाने के बाद रूस से विभिन्न संघर्ष क्षेत्रों से भारतीयों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कहा था।
हमने गोलीबारी बंद करने का आग्रह किया, ताकि लोग सुरक्षित निकल सकें : यूक्रेन
यूक्रेन के विदेश मंत्रालय की ओर से एक बयान जारी कर कहा गया है कि रूसी सेना से खारकीव और सुमी में गोलीबारी तुरंत बंद करने का आह्वान किया है, ताकि हम यूक्रेनी शहरों से विदेशी छात्रों सहित नागरिक आबादी को सुरक्षित निकालने की व्यवस्था कर सकें। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने बयान में यह भी कहा है कि यहां भारत, पाकिस्तान, चीन और अन्य देशों के छात्र हैं, जो आवासीय क्षेत्रों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हो रही रूसी सशस्त्र बलों की अंधाधुंध गोलाबारी और बर्बर मिसाइल हमलों के कारण बाहन निकलकर नहीं जा सकते हैं।

यूक्रेन की सरकार विदेशी छात्रों को खारकीव और सुमी से स्थानांतरित करने में सहायता करने के लिए तैयार है, यदि रूस संघर्ष विराम के लिए तैयार हो। रूसी बमबारी और मिसाइल हमलों के बीच इन शहरों से लोगों की निकासी की व्यवस्था करने का प्रयास बेहद खतरनाक हो सकता है। यूक्रेनी सरकार विदेशी छात्रों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वह अपने देश में सुरक्षित रूप से वापस जा सकें।